Sunday, 27 March 2016

tantra charchaa


🌹|| ॐ श्री परमात्मने नम: ||🌹

मानस में नाम-वन्दना
(पोस्ट..100)
तीन प्रकारके सखा (06)


‘नफा पाया है राम फकीरी में ।’........कैसी बात है ! ‘हाथमें तुम्बी बगलमें सोटा । ये चारों ही धाम जागीरी में ॥’ ….वहाँ तो एक अयोध्या ही राजधानी है, नाम के तो चारों ही धाम जागीरी है ।


“फिरत सनेहँ मगन सुख अपनें ।
नाम प्रसाद सोच नहि सपनें ॥“
…………….(मानस, बालकाण्ड, दोहा २५ । ८)


रामजी राजगद्दी पर बैठ गये फिर भी लवणासुर आदि ने क्या-क्या आफत मचायी । राजगद्दी पर बैठने पर भी रामजी सुख से थोड़े ही रहे । नाम महाराज की कृपा से जाग्रत्‌ में तो क्या शोक आवे, स्वन्न में भी शोक-चिन्ता नहीं सताती । ऐसे मस्त हो जाते हैं । इसलिये ‘ब्रह्म राम तें नामु बड़’ पहले ब्रह्म से नाम को बड़ा बताया, अब राम से बड़ा बता दिया ।


“ब्रह्म राम तें नामु बड़ बरदायक बर दानि ।
रामचरित सत कोटि महँ लिय महेस जियँ जानि ॥“
…………….(मानस, बालकाण्ड, दोहा २५)


इस प्रकार निर्गुण ब्रह्म और सगुण भगवान् राम इन दोनों से यह नाम बड़ा है और वरदान देने वाले को वरदान देने वाला है । मानो भगवन्नाम का जो सहारा लेता है तो दुनिया को वरदान दे दे, इतनी ताकत उसमें आ जाती है, सामर्थ्य आ जाती है, ऋद्धि-सिद्धि सब कुछ उस में आ जाती है । भुक्ति और मुक्ति कुछ भी बाकी नहीं रहती । इसलिये दोनोंसे ही यह बड़ा है । जैसे‒


“रामचरित सत कोटि महँ लिय महेस जियँ जानि ।“


भगवान् शंकर वरदान देनेवाले हैं, वे भी वरदान देते हैं तो किसके प्रभाव से--नाम के प्रभाव से !


“अहं भवन्नाम गृणन्कृतार्थो वसामि काश्यामनिशं भवान्या ।
मुमूर्षमाणस्य विमुक्तयेऽहं दिशामि मन्त्र तव रामनाम ॥“
…………….(अध्यात्म, युद्धकाण्ड, १५ । ६२)


यह जो आप का ‘राम’ नाम मन्त्र है, मरने वाले को उसकी मुक्ति के लिये मैं इसका उपदेश देता हूँ । भगवान् शंकर को भी दानी बना दिया नाम महाराज ने । नाम में भगवान् शंकर का बहुत प्रेम है ।

chemical composition of distilles cow urine


Chemical composition of Distilled cow Urine:-

Nitrogen (N2, NH2): Removes blood abnormalities and toxins, Natural stimulant of urinary track, activates kidneys and it is diuretic.

Sulphur (S): Supports motion in large intestines. Cleanses blood.

Ammonia (NH3): Stabilize bile, mucus and air of body. Stabilizes blood formation.Copper (Cu):Controls built up of unwanted fats. Iron (Fe): Maintains balance and helps in production of red blood cells & hemoglobin. Stabilizes working power.

Urea CO(NH2): Affects urine formation and removal. Germicidal.

Uric Acid (C5H4N4O3): Removes heart swelling or inflammation. It is diuretic therefore destroys toxins.

Phosphate (P): Helps in removing stones from urinary track.

Sodium (Na): Purifies blood. Antacid.

Potassium (K): Cures hereditary rheumatism. Increases appetite. Removes muscular weakness and laziness.

Manganese (Mn): Germicidal, stops growth of germs, protects against decay due to gangrene.

Carbolic acid (HCOOH): Germicidal, stops growth of germs and decay due to gangrene.

Calcium (Ca): Blood purifier, bone strengthener, germicidal.

Salt (NaCl): Decreases acidic contents of blood, germicidal.

Vitamins A, B, C, D, E: Vitamin B is active ingredient for energetic life and saves from nervousness and thirst, strengthens bones and reproductive ingredient for energetic life and saves from nervousness and thirst, strengthens bones and reproductive power.

Other Minerals: Increase immunity.

Lactose (C6H12O6): Gives satisfaction., strengths heart, removes thirst and nervousness.

Enzymes: Make healthy digestive juices, increase immunity.

Water (H2O): It is a life giver. Maintains fluidity of blood, maintains body temperature.

Hipuric acid (CgNgNox): Removes toxins through urine.

Creatinin (C4HgN2O2): Germicide.

Aurum Hydroxide (AuOH): It is germicidal and increases immunity power. AuOH is highly antibiotic and anti-toxic.
आसुत गोमूत्र की रासायनिक संरचना: -
नाइट्रोजन (एन 2, NH2): रक्त असामान्यताएं और विषाक्त पदार्थों, मूत्र ट्रैक के प्राकृतिक उत्तेजक निकालता है, गुर्दे को सक्रिय करता है और यह मूत्रवर्धक है।
सल्फर (S): बड़ी आंतों में गति का समर्थन करता है। रक्त शुद्ध करता है।
अमोनिया (NH3): स्थिर पित्त, बलगम और शरीर की हवा। अवांछित वसा के ऊपर बनाया नियंत्रण: रक्त formation.Copper (घन) स्थिर। आयरन (लौह): संतुलन बनाए रखता है और लाल रक्त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है। काम करने की शक्ति स्थिर।
यूरिया सीओ (NH2): मूत्र गठन और हटाने को प्रभावित करता है। Germicidal।
यूरिक एसिड (C5H4N4O3): दिल सूजन या सूजन को निकालता है। यह मूत्रवर्धक इसलिए विषाक्त पदार्थों को नष्ट कर देता है।
फास्फेट (पी): मूत्र ट्रैक से पत्थरों को हटाने में मदद करता है।
सोडियम (ना): रक्त शुद्धि होती है। Antacid।
पोटेशियम (कश्मीर): वंशानुगत गठिया के इलाज। भूख बढ़ जाती है। मांसपेशियों में कमजोरी और आलस्य को निकालता है।
मैंगनीज (Mn): Germicidal, कीटाणुओं के विकास को रोकता है, अवसाद के कारण क्षय से बचाता है।
कार्बोलिक एसिड (HCOOH): Germicidal, अवसाद के कारण कीटाणुओं के विकास और क्षय बंद हो जाता है।
कैल्शियम (सीए): रक्त शोधक, हड्डी strengthener, कीटाणुनाशक।
नमक (NaCl): रक्त, कीटाणुनाशक के अम्लीय सामग्री घट जाती है।
विटामिन ए, बी, सी, डी, ई: विटामिन बी ऊर्जावान जीवन के लिए सक्रिय संघटक है और घबराहट और प्यास से बचाता है, हड्डियों और ऊर्जावान जीवन के लिए प्रजनन अंग को मजबूत और घबराहट और प्यास से बचाता है, हड्डियों और प्रजनन शक्ति को मजबूत।
अन्य खनिज: वृद्धि उन्मुक्ति।
लैक्टोज (C6H12O6): संतुष्टि देता है, ताकत दिल, प्यास और घबराहट दूर करता है।।
एंजाइमों: स्वस्थ पाचक रस बनाओ, प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि।
पानी (H2O): यह एक जीवन दाता है। रक्त की तरलता को बनाए रखता है, शरीर का तापमान बनाए रखता है।
Hipuric एसिड (CgNgNox): मूत्र के माध्यम से विषाक्त पदार्थों को निकालता है।
Creatinin (C4HgN2O2): Germicide।
ऑरम हीड्राकसीड (AuOH): यह कीटाणुनाशक है और प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ जाती है। AuOH अत्यधिक एंटीबायोटिक और विरोधी विषैला होता है।


shraad karm par charchaa


श्राद्ध करना धर्म है !!!
हमारे धर्म शास्त्रों
में श्राद्ध के सम्बन्ध में इतने विस्तार से विचार किया गया है कि
इसके सामने अन्य समस्त धार्मिक कार्य गौण लगने लगते हैं.
श्राद्ध के छोटे से छोटे कार्य के सम्बन्ध में इतनी
सूक्ष्म मीमाँसा और समीक्षा
की गई है कि विचारशील व्यक्ति तो
सहज में ही चमत्कृत हो उठते हैं. वास्तव में मृत
माता-पिता एवं अन्य पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किया गया दान
ही "श्राद्ध" है. हम यूँ भी कह
सकते हैं कि श्रद्धापूर्वक किए जाने के कारण ही
इसे श्राद्ध कहा गया है. श्राद्ध से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं
पर आईये डालते हैं एक नजर धार्मिक दृष्टिकोण से............!!!
"श्राद्धकल्पता" अनुसार पितरों के उद्देश्य से श्रद्धा एवं
आस्तिकतापूर्वक पदार्थ-त्याग का दूसरा नाम ही
श्राद्ध है.
पित्रयुद्देश्येन श्रद्दया तयक्तस्य द्रव्यस्य
ब्राह्मणैर्यत्सीकरणं तच्छ्राद्धम !!
"श्राद्धविवेक" का कहना है कि वेदोक्त पात्रालम्भनपूर्वक
पित्रादिकों के उद्देश्य से द्रव्यत्यागात्मक कर्म ही
श्राद्ध है---- श्राद्धं नाम वेदबोधित पात्रालम्भनपूर्वक
प्रमीत पित्रादिदेवतोद्देश्यको द्रव्यत्यागविशेष: !
" गौडीय श्राद्धप्रकाश" अनुसार भी देश-
काल-पात्र पितरों के उद्देश्य से श्रद्धापूर्वक हविष्याण,तिल,कुशा
तथा जल आदि का त्याग-दान श्राद्ध है--- देशकालपात्रेषु
पित्रयुद्देश्येन हविस्तिलदर्भमन्त्र श्रद्धादिभिर्दानं श्राद्दम !
श्राद्ध न करने से हानि:--
जो लोग यह समझकर कि पितर हैं ही कहाँ---
श्राद्ध नही करता, पितर-लोग लाचार होकर उसका
रक्तपान करते हैं. जो उचित तिथि पर जल से अथवा भोजा इत्यादि से
भी श्राद्ध नहीं करता,पितर उसे श्राप
देकर अपने लोक को लौट जाते हैं. मार्कण्डेयपुराण का कहना है
कि जिस कुल में श्राद्ध नहीं होता,वहाँ
वीर,निरोगी,शतायु पुरूष नहीं
जन्म लेते. जहाँ श्राद्ध नहीं होता,



Saturday, 26 March 2016

gharelu nuske







छाया दान करें : शनिवार को एक कांसे की कटोरी में सरसों का तेल और सिक्का (रुपया-पैसा) डालकर उसमें अपनी परछाई देखें और तेल मांगने वाले को दे दें या किसी शनि मंदिर में शनिवार के दिन कटोरी सहित तेल रखकर आ जाएं।

यह उपाय आप कम से कम पांच शनिवार करेंगे तो आपकी शनि की पीड़ा शांत हो जाएगी और शनिदेव की कृपा शुरू हो जाएगी।
घर से निकलते ही : यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए जा रहे हैं तो घर से बाहर निकलने से पहले मुख्य दरवाजे पर काली मिर्च रखें और उसी काली मिर्च पर पैर रखकर घर से बाहर अपने कदम बढ़ाएं। आप जिस काम के लिए जा रहे हैं उसमें सफलता मिलेगी।

ध्यान रखिए कि इस काम के निमित्त एक बार घर से बाहर निकलने के बाद दोबारा किसी भूली-बिसरी चीजों के लिए घर में प्रवेश न करें। क्योंकि, ऐसा करने से इस टोटके का प्रभाव लगभग खत्म हो जाता है।
मालामाल होने का टोटका : यदि आप मालामाल होना चाहते हैं तो काली मिर्च के 5 दाने लें और उन्हें अपने सिर पर से 7 बार वार लें। इसके बाद किसी चौराहे या किसी सुनसान स्थान पर खड़े होकर चारों दिशाओं में 4 दाने फेंक दें। इसके बाद 5वें दाने को ऊपर आसमान की ओर फेंक दें। इसके बाद चौराहे से पुन: लौटते वक्त पीछे पलटकर न देंगे। माना जाता है कि इस उपाय से अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
शनि का कष्ट मिटाए : काली मिर्च शनि का कारण होती है। काले कपड़े में काली मिर्च और पैसे बांधकर दान करें। इस उपास से शनि की ढैया की परेशानी दूर होगी
शत्रु नाशक : दीपावली के दिन काली मिर्च के दाने ‘ऊं क्लीं’ बीज मंत्र का जप करते हुए परिवार के सदस्यों के सिर पर घुमाकर दक्षिण दिशा में घर से बाहर फेंक दें, शत्रु शांत हो जाएंगे

काली मिर्च का ही सेवन करें : यदि आपकी कुंडली में कोई ग्रह दोष है,

pathaankot vishesh


पठानकोट विशेष:

जब वो युद्ध में घायल हो जाता है तो अपने साथी से बोलता है :

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना!
इतने पर भी न समझे तो, दो आंसू तुम छलका देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना!
इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ देखा देना !!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, मस्तक तुम झुका लेना!
इतने पर भी न समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरे पापा पूछे तो, हाथो को सहला देना!
इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरा बेटा पूछे तो, सर उसका तुम सहला देना!
इतने पर भी ना समझे तो, सीने से उसको लगा लेना!!"

“साथी घर जाकर मत कहना, संकेतो में बतला देना;
यदि हाल मेरा भाई पूछे तो, खाली राह दिखा देना!
इतने पर भी ना समझे तो, सैनिक धर्म बता देना!!"

banglamukhi rehyasa


: आइये माता श्री बगला के बारे में जानते हैं

1. ईश्वर की जो छः कलाएं तन्त्र में वर्णित हैं, उनमें यह ‘‘पीता’’ कला है। इसीलिए इनका रंग पीला है, उनका वस्त्र पीला है, माला भी पीली है। साधक जब मन्त्र चैतन्य कर लेता है, तब वह मंत्र ‘‘जिह्वाग्र’’ पर आ जाता है। यही ‘‘जिह्वा’’ का ‘अग्रभाग’ देवी द्वारा पकड़ना है, और उसका घन-घन जप ही ‘‘गदाभिघात’’ है।

2. भगवती बगला दश-महाविद्याओं में चतुर्थ श्रेणी में आती है और उनके आविर्भाव का हेतु, सृष्टि-कार्य में आने वाले विघ्नो का अवरोधन करना ही मुख्य है।
भगवती बगला ही समस्त चराचर प्राणि-समूह की चित्-शक्ति कुण्डलिनी है।

3. ऐहिक या पारलौकिक, देश या समाज के दुःखद, दुरूह अरिष्टों एवं शत्रुओं के दमन-शमन में इनके समकक्ष अन्य कोई नहीं है।

4. जो छिपे हुए शत्रुओं को नष्ट कर देती है, वह पीताम्बरा पीले उपचारों द्वारा पूज्या है ऐसा बगला उपनिषद् में लिखा है। (पूर्णतः स्व अनुभूति है।)

5. मंगलवार की चतुर्दशी तिथि को मकार तथा कुल-नक्षत्र-युक्त ‘‘वीर-रात्रि’’ के निशाद्र्व में बगला देवी का आविर्भाव हुआ था।

6. भवगती बगला को ‘‘ब्रम्हास्त्र-विद्या’’ के नाम से जाना जाता है क्यों कि इनकी सत्ता-महत्ता-अनादि, अनक्त व असीम है।

7. भगवती बगला लौकिक वैभव देने के साथ ही हमारी भीतरी छः शत्रु, काम, क्रोध, लोभ, मात्सर्य, मोह व ईष्र्यादि का नाश जितनी शीघ्र करती है उतना शीघ्र अन्य कोई भी नहीं करता, यह मेरा स्वयं अनुभव रहा है।

8. भगवती पीताम्बरा श्री बगला मुखि का सम्बन्ध ‘‘अथर्वा’’ नामक तेज स्वरूपा शक्ति से है। महाशक्ति कुण्डलिनी के प्रकाश का दूसरा नाम ही ‘‘अथर्वा’’ है एवं वही महा-माया कुण्डलिनी जब अपनी पीताभा का प्रसार करती है, तो ‘‘सिद्ध-पीताम्बरा’’ के नाम से अभिहित होती है।

9. श्री बगला मुखि का प्रसिद्ध तन्त्र ग्रन्थ है-‘‘सांख्यायन तन्त्र’’
: Let the mother know about Mr Heron

1. God's six arts system are described in the "drinks" the art. That's why they wear yellow, yellow, yellow beads is also his. Seeker when mantra, the mantra is ' ignorance ' is ' jihvagra '. That's why the ' obverse ' of ' goddess ' Glossitis catch, and cube-cube by chanting only "' gadabhighat ' is '.

2. Bhagwati Heron n-mahavidyaon comes in and the IV came to creation of the interception of work-is to vighno.
Bhagwati Heron created carācara's mind-power of Kundalini Zoological group.

3. beyond deals with, country or community ethic or tragic, arduous arishton and suppression of enemies-mitigation is none other their counterpart.

4. the hidden enemies can destroy, he is by pujya pitambara yellow remedies written in Heron Upanishad. (Fully self realization. )

5. Tuesday chaturdashi date makar and total-star-ready ' "heroic-in nishadrva of the night heron was goddess of birth.

6. bhavgati, "the" bramhastra-Heron is known as lore because their power-importance-speaking, anakt and limitless.

7. Bhagwati Heron cosmic splendor as well as our indoor six enemy, sex, anger, greed, attachment and ishryadi of meters, as does any other early does not prompt as much, this is my own experience.

8. Bhagwati pitambara Mr. Heron "University ' concerned ' atharva mukhi fast sweeper from power. The name of the second kuṇḍalinī ' superpower ' is ' and ' Maha-Maya what atharva Kundalini when disseminating their pitabha, the ' proven '-is ' as ' pitambara nominal.

9. Mr. Heron's famous system of Braille mukhi-the "sankhyayan tantra"


तरूण सागर जी महाराज के कहे कुछ पंक्तियों के अँश

: सफलता के 20  मँत्र "
1.खुद की कमाई  से कम
          खर्च हो ऐसी जिन्दगी
          बनाओ..!
2. दिन  मेँ कम  से कम
           3 लोगो की प्रशंसा करो..!
3. खुद की भुल स्वीकारने
           मेँ कभी भी संकोच मत
           करो..!
4. किसी  के सपनो पर  हँसो
           मत..!
5. आपके पीछे खडे व्यक्ति
           को भी कभी कभी आगे
           जाने का मौका दो..!
6. रोज हो सके तो सुरज को
           उगता हुए देखे..!
7. खुब जरुरी हो तभी कोई
          चीज उधार लो..!
8. किसी के पास  से  कुछ
           जानना हो तो विवेक  से
           दो बार...पुछो..!
9. कर्ज और शत्रु को कभी
           बडा मत होने दो..!
10. ईश्वर पर पुरा भरोसा
             रखो..!
11. प्रार्थना करना कभी
             मत भुलो,प्रार्थना मेँ
             अपार शक्ति होती है..!
12. अपने काम  से मतलब
             रखो..!
13. समय सबसे ज्यादा
             कीमती है, इसको फालतु
             कामो  मेँ खर्च मत करो..
14. जो आपके पास है, उसी
             मेँ खुश रहना सिखो..!
15. बुराई कभी भी किसी कि
             भी मत करो,
             क्योकिँ  बुराई नाव  मेँ
             छेद समान  है,बुराई
             छोटी हो बडी नाव तो
             डुबो ही देती  है..!
16. हमेशा सकारात्मक सोच
             रखो..!
17. हर व्यक्ति एक हुनर
             लेकर  पैदा होता है बस
             उस हुनर को दुनिया के
             सामने लाओ..!
18. कोई काम छोटा नही
             होता हर काम बडा होता
             है जैसे कि सोचो जो
             काम आप कर रहे होतरूण सागर जी महाराज के कहे कुछ पंक्तियों के अँश

: सफलता के 20  मँत्र "
1.खुद की कमाई  से कम
          खर्च हो ऐसी जिन्दगी
          बनाओ..!
2. दिन  मेँ कम  से कम
           3 लोगो की प्रशंसा करो..!
3. खुद की भुल स्वीकारने
           मेँ कभी भी संकोच मत
           करो..!
4. किसी  के सपनो पर  हँसो
           मत..!
5. आपके पीछे खडे व्यक्ति
           को भी कभी कभी आगे
           जाने का मौका दो..!
6. रोज हो सके तो सुरज को
           उगता हुए देखे..!
7. खुब जरुरी हो तभी कोई
          चीज उधार लो..!
8. किसी के पास  से  कुछ
           जानना हो तो विवेक  से
           दो बार...पुछो..!
9. कर्ज और शत्रु को कभी
           बडा मत होने दो..!
10. ईश्वर पर पुरा भरोसा
             रखो..!
11. प्रार्थना करना कभी
             मत भुलो,प्रार्थना मेँ
             अपार शक्ति होती है..!
12. अपने काम  से मतलब
             रखो..!
13. समय सबसे ज्यादा
             कीमती है, इसको फालतु
             कामो  मेँ खर्च मत करो..
14. जो आपके पास है, उसी
             मेँ खुश रहना सिखो..!
15. बुराई कभी भी किसी कि
             भी मत करो,
             क्योकिँ  बुराई नाव  मेँ
             छेद समान  है,बुराई
             छोटी हो बडी नाव तो
             डुबो ही देती  है..!
16. हमेशा सकारात्मक सोच
             रखो..!
17. हर व्यक्ति एक हुनर
             लेकर  पैदा होता है बस
             उस हुनर को दुनिया के
             सामने लाओ..!
18. कोई काम छोटा नही
             होता हर काम बडा होता
             है जैसे कि सोचो जो
             काम आप कर रहे हो
             अगर वह काम
             आप नही करते हो तो
             दुनिया पर क्या असर
             होता..?
19. सफलता उनको ही
             मिलती  है जो कुछ
             करते  है
20. कुछ पाने के लिए कुछ
             खोना नही बल्कि  कुछ
             करना पडता है....!

             अगर वह काम
             आप नही करते हो तो
             दुनिया पर क्या असर
             होता..?
19. सफलता उनको ही
             मिलती  है जो कुछ
             करते  है
20. कुछ पाने के लिए कुछ
             खोना नही बल्कि  कुछ

             करना पडता है....!
In english also,
Tarun Sagar-ji Maharaj stated some rows ansh

: 20 success mantra "
1. own earning less than
Spend a life
Make up..!
2. day in at least
3 people praise me..!
3. let yourself embrace
I never hesitate
Me..!
4. laugh at anyone's dreams
Do. ..!
5. the person standing behind you
Also sometimes further
Give the chance to go.!
6. the rose can Suraj
Rises were seen..!
7. khub necessary only a
Have borrowed something..!
8. have some
The discretion to know
Two time ... Pucho..!
9. debt and foes ever
Don't be long. ..!
10. trust in God, Pura
Keep..!
11. pray ever
Don't bhulo, prayer,
There is immense power..!
12. your work mean
Keep..!
13. While most
Precious, it phaltu
Cameo don't spend in. ..
14. that you have the same
I be happy sikho..!
15. evil never that
Also, do
Kick evil float in
Similar holes, evil
Smaller large boats,
Lets just drown it. ..!
16. always positive thinking
Keep..!
17. every person a skill
Range is born just
The skills of the world
Bring the front..!
18. do not shorten
Would that every large
Think like that
The work you're doing
If that work
If you do not
Impact on the world
Is. ..?
19. success they only
Meets whatever
Do
20. certain to get some
But not to lose some
Have to ... ... ... ...!